वीबी जीरामजी की विशेषताओं और व्यापक हितलाभ के लिए आईईसी गतिविधियां जारी, जिले के प्रत्येक ग्राम तक तथ्यात्मक जनसंवाद के लिए लगातार आयोजित हो रहे कार्यक्रम


जिला कोरिया। विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन (वीबी जीरामजी) के अंतर्गत पंजीकृत श्रमिकों को मिलने वाले सभी हितलाभों की विस्तृत जानकारी जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में व्यापक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। कलेक्टर कोरिया श्रीमती चंदन त्रिपाठी के निर्देशानुसार 26 जनवरी से पूरे जिले में सूचना, शिक्षा एवं संचार (आईईसी) गतिविधियों की श्रृंखला प्रारंभ की गई है।
योजनांतर्गत लागू वैधानिक प्रावधानों, श्रमिकों के अधिकारों तथा मिलने वाले लाभों की स्पष्ट जानकारी देने के लिए निर्धारित रूपरेखा के अनुसार प्रत्येक सप्ताह अलग-अलग विषयों पर गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं। राज्य कार्यालय द्वारा 8 मार्च तक प्रत्येक सप्ताह आईईसी गतिविधियों के संचालन हेतु विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं।
26 जनवरी से आरंभ जनसंवाद 8 मार्च तक चलेगा

जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने बताया कि वीबी जीरामजी के प्रति प्रत्येक व्यक्ति तक सूचना, शिक्षा और संचार पहुंचाने के उद्देश्य से लगातार छह सप्ताह तक आईईसी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 26 जनवरी से प्रारंभ हुए इस अभियान के अंतर्गत हर सप्ताह अलग-अलग गतिविधियों के माध्यम से संवाद स्थापित किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि आगामी मार्च माह के प्रथम सप्ताह तक निरंतर कार्यक्रम आयोजित कर योजना के सभी तथ्यात्मक पहलुओं को स्पष्ट किया जाएगा, ताकि किसी प्रकार का भ्रम न रहे और श्रमिकों को मिलने वाले लाभों की पारदर्शी जानकारी मिल सके।

‘अधिकार संरक्षण संकल्प दिवस’ का आयोजन

आईईसी गतिविधियों के दूसरे सप्ताह में पूरे जिले में ‘अधिकार संरक्षण संकल्प दिवस’ मनाया गया। इस अवसर पर श्रमिकों को 125 दिवस के सुनिश्चित रोजगार की अधिकारिता के बारे में विस्तार से बताया गया। ग्राम पंचायत स्तर पर आयोजित कार्यक्रमों में ग्रामीणों ने विकसित भारत के निर्माण हेतु वीबी जीरामजी में सक्रिय सहभागिता का संकल्प लिया।

इस पहल से योजना के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता और सकारात्मक वातावरण का निर्माण हो रहा है।

‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ के माध्यम से जागरूकता

तीसरे सप्ताह में ‘विकसित भारत ग्राम संवाद’ कार्यक्रम के तहत ग्राम पंचायतों में चौपाल, ग्राम सभाओं और जनसभाओं के माध्यम से सरल एवं प्रभावी संवाद किया गया। इस दौरान कार्य की अधिकारिता, प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) से भुगतान, बेरोजगारी भत्ते जैसे महत्वपूर्ण प्रावधानों पर विस्तार से चर्चा की गई।

ग्रामीणों और श्रमिकों को यह स्पष्ट किया गया कि 125 दिवस का रोजगार अब उनका अधिकार है और वे योजना से जुड़कर इसका लाभ प्राप्त कर सकते हैं।

इस सप्ताह पंचायत पदाधिकारियों से होगा संवाद

आईईसी गतिविधियों की श्रृंखला में इस सप्ताह पंचायत राज व्यवस्था के तीनों स्तरों—ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और जिला पंचायत—के निर्वाचित प्रतिनिधियों से संवाद किया जाएगा। इसमें योजना के तहत होने वाले विकास कार्यों, ग्रामीण श्रमिकों के हित संरक्षण, पारदर्शिता, त्वरित भुगतान व्यवस्था और सहभागी विकास पर विस्तृत चर्चा होगी।

जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि वीबी जीरामजी की प्रत्येक विशेषता और हितलाभ की जानकारी जिले के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे तथा श्रमिक सशक्त होकर विकसित भारत के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।

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