चरचा कॉलरी। पावन पर्व महाशिवरात्रि के अवसर पर चरचा क्षेत्र में भगवान भोलेनाथ की भव्य एवं आकर्षक बरात निकाली गई।
श्रद्धा, उत्साह और भक्ति से ओतप्रोत इस आयोजन में हजारों की संख्या में महिलाएं, पुरुष, बच्चे एवं युवा शामिल हुए। “बम-बम भोले” और “हर-हर महादेव” के गगनभेदी नारों से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा।
बरात सुभाष नगर स्थित शिव मंदिर परिसर से प्रारंभ होकर अंबेडकर नगर, महाराणा प्रताप चौक, नेपाल गेट, न्यू मार्केट, व्हीटीसी चौक होते हुए आगे बढ़ी। गाजे-बाजे, ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के बीच श्रद्धालु नाचते-गाते चल रहे थे। आयोजन समिति द्वारा चार डीजे की व्यवस्था की गई थी, जिसमें एक डीजे महिलाओं के लिए तथा तीन डीजे पुरुषों और बच्चों के लिए निर्धारित किए गए थे।
नेपाल गेट वार्ड क्रमांक 6 स्थित मेन रोड में पूर्व नपाध्यक्ष व ब्लाक कांग्रेस अध्यक्ष अजीत लकड़ा ने पानी व नास्ते मिठा कि व्यवस्था किया था जहां हजारों श्रद्धालुओं ने मिष्ठान व जल ग्रहण कर बरात आगे बढ़ाया।इसी प्रकार सभी चौक चौराहों पर जल कि व्यवस्था कि गई थी।
व्हीटीसी चौक पर नगर पालिका कांग्रेस नेता प्रतिपक्ष श्रीमती लालमुनि यादव ने पुष्प वर्षा कर बरात का स्वागत किया और श्रद्धालुओं के लिए जल एवं शरबत की व्यवस्था कराई। इसके बाद बरात राजीव गांधी चौक पहुंची, जहां युवाओं ने भगवान भोलेनाथ के स्वागत में विशेष रूप से भाग (शरबत) वितरित किया और उत्साहपूर्वक शामिल हुए।
अंततः बरात स्टाफ स्थित पार्वती मंदिर परिसर पहुंची, जहां पूरे विधि-विधान के साथ भगवान शिव एवं माता पार्वती का विवाह संपन्न कराया गया।
महिलाओं ने परिछावन कर मंगल गीत गाए तथा जयमाला की रस्म अदा की गई।
जिस प्रकार एक कन्या का विवाह रीति-रिवाजों के साथ किया जाता है, उसी प्रकार पूरे पारंपरिक तरीके से विवाह संस्कार संपन्न हुआ।
बरात मार्ग में विभिन्न स्थानों पर मीठा, शरबत एवं प्रसाद वितरण की व्यवस्था की गई थी। आयोजन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनज़र चरचा थाना प्रभारी प्रमोद पाण्डेय सहित पुलिस प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा।
समापन अवसर पर आयोजकों द्वारा भव्य भंडारे का आयोजन कर श्रद्धालुओं में प्रसाद वितरित किया गया। सुभाष नगर नव युवक संघ के सदस्यों ने बताया कि यह परंपरा सदियों से चली आ रही है और भविष्य में भी इसे निरंतर जारी रखा जाएगा। उनका कहना था कि भगवान शिव की बरात निकालने का उद्देश्य समाज में शिव भक्ति का संदेश प्रसारित करना और लोगों को धर्म व संस्कृति से जोड़ना है।
इस प्रकार महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व चरचा क्षेत्र में श्रद्धा, उल्लास और आध्यात्मिक ऊर्जा के साथ संपन्न हुआ।
बरात के समापन के पश्चात पार्वती मंदिर परिसर में देर रात तक भक्ति संगीत और भजन-कीर्तन का दौर चलता रहा। स्थानीय भजन मंडलियों द्वारा भगवान शिव एवं माता पार्वती के विवाह प्रसंगों का सुंदर संगीतमय प्रस्तुतीकरण किया गया, जिसे श्रद्धालुओं ने भाव-विभोर होकर सुना। मंदिर परिसर रंग-बिरंगी रोशनी से सुसज्जित रहा और पूरे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार होता रहा।
आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि इस वर्ष बरात में पिछले वर्षों की तुलना में अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति रही। विशेष रूप से युवा वर्ग की सक्रिय भागीदारी ने आयोजन को और भी जीवंत बना दिया। समिति द्वारा साफ-सफाई, पेयजल, प्राथमिक उपचार तथा यातायात व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया।
रात्रि में शिव-पार्वती विवाह के उपरांत श्रद्धालुओं ने भगवान से सुख-समृद्धि, शांति और क्षेत्र की उन्नति की कामना की। कई श्रद्धालुओं ने उपवास रखकर रात्रि जागरण किया और मंदिर में जलाभिषेक कर पुण्य लाभ अर्जित किया।
आयोजकों ने पुलिस प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं सहयोगी नागरिकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी के सहयोग से कार्यक्रम शांतिपूर्ण एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
इस प्रकार महाशिवरात्रि का यह भव्य आयोजन चरचा क्षेत्र की धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक परंपरा का प्रतीक बनकर एक यादगार अध्याय जोड़ गया।
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