चरचा कॉलरी। अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वें गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के सातवें दिन एक रोमांचक मुकाबला खेला गया। यह मैच दिल्ली पुलिस और एमबीएसटीसी दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) के मध्य आयोजित हुआ, जिसमें दर्शकों को कड़ी प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट प्रदर्शन देखने को मिला।
मैच के मुख्य अतिथि क्षेत्रीय विधायक भइया लाल राजवाड़े रहे। उनके साथ बैकुंठपुर क्षेत्र के महाप्रबंधक बी.एन. झा विशेष रूप से उपस्थित थे। कार्यक्रम में सह क्षेत्र प्रबंधक चरचा आरओ संजय सिंह, नगर पालिका अध्यक्ष अरुण जयसवाल, नपा उपाध्यक्ष राजेश सिंह एवं धर्मेंद्र सिंह की गरिमामयी उपस्थिति रही। सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार ने अतिथियों को बुके भेंट कर सम्मानित किया। इसके पश्चात अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर फोटो सेशन किया गया और राष्ट्रगान के साथ मैच की शुरुआत हुई।
मैच के आरंभ से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया। पहले हाफ में दिल्ली पुलिस को कॉर्नर के माध्यम से गोल करने का अवसर मिला, लेकिन वे उसे भुना नहीं सके। वहीं दुर्गापुर को भी एक सुनहरा मौका मिला, जिसे दिल्ली पुलिस के गोलकीपर ने शानदार बचाव कर टाल दिया। मध्यांतर तक मुकाबला 0-0 की बराबरी पर रहा।
मध्यांतर के बाद खेल में और अधिक रोमांच देखने को मिला। एमबीएसटीसी दुर्गापुर के खिलाड़ी जर्सी नंबर 15 श्यामल सरदार ने मैच के 5:01 मिनट में शानदार गोल कर टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद दुर्गापुर को मिले पेनाल्टी अवसर को जर्सी नंबर 6 ने गोल में तब्दील कर स्कोर 2-0 कर दिया। लगातार दबाव बनाते हुए दुर्गापुर के जर्सी नंबर 10 ने दूर से जोरदार किक लगाकर तीसरा गोल दागा।
दिल्ली पुलिस की ओर से जर्सी नंबर 47 मानुन ने एक गोल कर वापसी की कोशिश की, लेकिन मैच के अंतिम दो मिनट शेष रहते दुर्गापुर के जर्सी नंबर 5 ने निर्णायक गोल कर मुकाबले को अपने पक्ष में कर लिया। इस प्रकार एमबीएसटीसी दुर्गापुर (पश्चिम बंगाल) ने मुकाबला जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार दुर्गापुर के जर्सी नंबर 3 सीमंत को मुख्य अतिथि विधायक भइया लाल राजवाड़े के हाथों प्रदान किया गया।
मैच के मुख्य निर्णायक विशाल प्रजापति, सहायक निर्णायक प्रफुल्ल कुमार एवं भरत राजवाड़े, तथा फोर्थ ऑफिशियल आशीष तिवारी रहे। मैदान की देखरेख एवं फिजियोथैरेपी की जिम्मेदारी एसईसीएल से सेवानिवृत्त व पूर्व फुटबॉल खिलाड़ी मो. रफीक ने निभाई।
अपने उद्बोधन में विधायक भइया लाल राजवाड़े ने कहा कि 50वां अखिल भारतीय शेषन स्मृति गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट क्षेत्र की खेल परंपरा, युवाओं की प्रतिभा और खेल संस्कृति का प्रतीक है। यह प्रतियोगिता देशभर की मजबूत टीमों को मंच प्रदान कर स्थानीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर आगे बढ़ने का अवसर देती है। उन्होंने इसे अनुशासन, भाईचारे और खेल भावना का उत्सव बताया तथा आयोजकों और खिलाड़ियों की सराहना की।
आगे उन्होंने कहा कि खेल युवाओं के शारीरिक विकास के साथ-साथ अनुशासन, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना को भी मजबूत करता है। ऐसे आयोजन ग्रामीण एवं औद्योगिक क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को सामने लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।
आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया, तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार को विभिन्न जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं। आयोजकों ने नगरवासियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।
प्रतियोगिता के अगले मुकाबले में आठवें दिन दोपहर 3:00 बजे जॉय यूनिवर्सिटी, चेन्नई (तमिलनाडु) और हीरोज क्लब, वाराणसी (उत्तर प्रदेश) के मध्य मैच खेला जाएगा।
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