जिला कोरिया। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में जिले में “वीबी जीरामजी योजना” (विकसित भारत ग्रामीण रोजगार आजीविका मिशन) के तहत व्यापक जनसंवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम का आयोजन बैकुंठपुर जनपद पंचायत अंतर्गत सागरपुर ग्राम पंचायत के नवनिर्मित बोट क्लब परिसर स्थित ओपन एम्फीथिएटर में हुआ, जहां ग्रामीणों और श्रमिकों की उल्लेखनीय सहभागिता देखने को मिली।
कार्यक्रम का नेतृत्व कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वीबी जीरामजी योजना ग्रामीण श्रमिकों को उनके अधिकारों के साथ आजीविका की गारंटी प्रदान कर आत्मनिर्भरता की दिशा में सशक्त कदम है। उन्होंने बताया कि योजना के तहत पात्र श्रमिकों को 125 दिवस का रोजगार उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे रोजगार सृजन, आर्थिक सशक्तिकरण और समग्र ग्रामीण विकास को नई गति मिलेगी।
जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने योजना के प्रमुख प्रावधानों, लाभों एवं क्रियान्वयन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी देते हुए अधिक से अधिक ग्रामीणों से योजना में सहभागिता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह योजना गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।
फ्लैश की रोशनी में दिखी एकजुटता
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों और श्रमिकों ने अपने मोबाइल की फ्लैशलाइट जलाकर “वीबी जीरामजी योजना” के समर्थन में अद्भुत दृश्य प्रस्तुत किया। ओपन एम्फीथिएटर मोबाइल की रोशनी से जगमगा उठा। मानव श्रृंखला बनाकर “वीबी जीरामजी” की आकृति तैयार की गई, जो जनजागरूकता और सामूहिक सहभागिता का प्रतीक बनी।
वंदे मातरम् की गूंज से गूंजा परिसर
आईईसी गतिविधियों के तहत कार्यक्रम में उपस्थित जनसमुदाय ने राष्ट्रगीत “वंदे मातरम्” का सामूहिक गायन किया। देशभक्ति और उत्साह से ओतप्रोत वातावरण ने पूरे परिसर को ऊर्जा और प्रेरणा से भर दिया।
इस अवसर पर जिला एवं जनपद स्तर के अधिकारी-कर्मचारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में ग्रामवासी और श्रमिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी ही सबसे बड़ी ताकत है।
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