स्वर्ण जयंती गोल्ड कप का महासंग्राम, चौथे दिन खड़कपुर व एससी रेलवे नागपुर ने मारी बाज़ी, दोनों क्वार्टर फाइनल में

चरचा कॉलरी। अखिल भारतीय शेषन स्मृति 50वां गोल्ड कप फुटबॉल टूर्नामेंट के स्वर्ण जयंती समारोह के अंतर्गत प्रतियोगिता के चौथे दिन दो रोमांचक मुकाबले खेले गए। दोनों ही मैचों में दर्शकों को जबरदस्त प्रतिस्पर्धा, अनुशासन और खेल भावना का शानदार नजारा देखने को मिला।

पहला मुकाबला दोपहर 1:30 बजे से खड़कपुर, पश्चिम बंगाल एवं एमएजी, बैंगलोर (कर्नाटक) के मध्य खेला गया। मैच के मुख्य अतिथि नगर पालिका शिवपुर–चरचा के उप अभियंता आलोक चक्रधारी, वरिष्ठ कार्मिक प्रबंधक हीरा सिंह एवं हरि यादव रहे। अतिथियों द्वारा खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त करने के पश्चात राष्ट्रगान के साथ मैच का शुभारंभ हुआ।
मैच के प्रारंभ से ही दोनों टीमों ने आक्रामक खेल का प्रदर्शन किया, लेकिन कड़े मुकाबले के चलते मध्यांतर तक स्कोर 0–0 रहा। मध्यांतर के बाद एमएजी, बैंगलोर को गोल करने का सुनहरा अवसर मिला, परंतु वे इसे गोल नहीं कर सके। निर्धारित समय तक कोई गोल नहीं हो पाया और मुकाबला पेनाल्टी शूटआउट में पहुंच गया। पेनाल्टी शूटआउट में खड़कपुर, पश्चिम बंगाल ने एमएजी बैंगलोर को 3–1 से पराजित कर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।
इस मैच में खड़कपुर टीम के गोलकीपर जर्सी नंबर 21 दिलीप मंडल को उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए मैन ऑफ द मैच घोषित किया गया। मैच के मुख्य निर्णायक विजय आनंद, सहायक निर्णायक भरत राजवाड़े (चरचा) एवं आकाश पटवा तथा फोर्थ ऑफिशियल विशाल प्रजापति रहे।
दिन का दूसरा मुकाबला बक्सर, बिहार एवं एससी रेलवे नागपुर के बीच खेला गया। मैच के शुरुआती पांच मिनट में ही नागपुर टीम के जर्सी नंबर 10 पीके मिसेल ने शानदार गोल कर अपनी टीम को बढ़त दिलाई। इसके बाद बक्सर की टीम ने दबाव बनाते हुए बराबरी का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिली। मध्यांतर से सात मिनट पहले नागपुर के जर्सी नंबर 8 तेजेन्द्र सिंह सरदार ने बेहतरीन गोल कर स्कोर 2–0 कर दिया।
मध्यांतर के बाद मैच पुनः शुरू होते ही दो मिनट में नागपुर के खिलाड़ी तेजेन्द्र सिंह सरदार को रेड कार्ड दिखाकर मैदान से बाहर कर दिया गया। इसके बावजूद बक्सर की टीम गोल करने में असफल रही। मैच समाप्ति के पांच मिनट पहले बक्सर, बिहार के खिलाड़ी जर्सी नंबर 21 पोकम ने शानदार गोल दागकर स्कोर 2–1 कर दिया, लेकिन शेष समय में बक्सर की टीम बराबरी नहीं कर सकी। इसी दौरान बक्सर टीम के जर्सी नंबर 10 खिलाड़ी द्वारा मुख्य निर्णायक से अभद्र व्यवहार करने पर उसे रेड कार्ड दिखाकर बाहर किया गया। इस प्रकार एससी रेलवे नागपुर ने 2–1 से जीत दर्ज कर क्वार्टर फाइनल में स्थान सुनिश्चित किया।
इस मुकाबले में शानदार प्रदर्शन के लिए जर्सी नंबर 10 पीके मिसेल को मैन ऑफ द मैच का पुरस्कार भारतीय कोयला मजदूर संघ के केंद्रीय अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के हाथों प्रदान किया गया।
दूसरे मैच के मुख्य निर्णायक आशिष तिवारी, सहायक निर्णायक पप्पू कुमार (चरचा) एवं प्रभुल कुमार तथा फोर्थ ऑफिशियल विशाल प्रजापति रहे। दोनों मैचों के कमिश्नर अनिल कचेर एवं अतिरिक्त निर्णायक विजय विश्वकर्मा थे। ग्राउंड मैनेजमेंट में मो. रफीक तथा फिजियोथैरेपी में अवधेश राजवाड़े एवं आशीष मसीह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
आयोजन समिति में अध्यक्ष सह क्षेत्र प्रबंधक संजय कुमार, उपाध्यक्ष संदीप कुमार, सचिव मो. रियाज, सह-सचिव तपेश्वर प्रसाद एवं प्रवीन डेहरिया तथा कोषाध्यक्ष महेश कुमार को विभिन्न जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। आयोजकों ने नगरवासियों एवं खेल प्रेमियों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने की अपील की है।

प्रतियोगिता के पांचवें दिन दो क्वार्टर फाइनल मुकाबले खेले जाएंगे। पहला मुकाबला नीमच (मध्यप्रदेश) बनाम समलेश्वरी-11, संबलपुर (ओडिशा) तथा दूसरा मुकाबला सेरसा खड़कपुर (पश्चिम बंगाल) बनाम एएससी रेलवे नागपुर के मध्य दोपहर 1:30 बजे से खेला जाएगा।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ