जिला कोरिया। सोशल मीडिया के एक पोर्टल के माध्यम से एक परिवार की सामाजिक छवि धूमिल करने और मृतक बड़े भाई की मौत को लेकर हत्या की आशंका जताने वाले आरोपों से साहू समाज में भारी आक्रोश फैल गया है। मामले को लेकर साहू समाज के बड़ी संख्या में लोगों ने कलेक्टर कोरिया एवं पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।
कोरिया पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार भाड़ी निवासी अजय साहू ने कलेक्टर एवं एसपी को लिखित शिकायत सौंपते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि तलवापारा निवासी महेन्द्र पांडेय, जो एक पोर्टल के ब्लॉग का संचालन करता है, द्वारा लगातार सोशल मीडिया पोस्ट प्रकाशित कर उनके परिवार को सामाजिक रूप से बदनाम किया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार 9 फरवरी को की गई एक पोस्ट में उनके दिवंगत बड़े भाई अरुण कुमार साहू की मृत्यु को लेकर हत्या की आशंका जताई गई, साथ ही पूरे परिवार पर सवाल खड़े किए गए। इस पोस्ट के सामने आने के बाद साहू समाज में रोष व्याप्त हो गया और समाज के लोगों ने इसे सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने वाला कृत्य बताया।
आवेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि संबंधित ब्लॉग पर पूर्व में भी करीब 36 बार आपत्तिजनक एवं भ्रामक सामग्री प्रकाशित की जा चुकी है, जिससे परिवार को मानसिक, सामाजिक और प्रतिष्ठात्मक क्षति पहुंची है।
साहू समाज के प्रतिनिधियों ने प्रशासन से मांग की है कि सोशल मीडिया के दुरुपयोग पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं पर प्रभावी रोक लग सके।
वहीं पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है और एसडीओपी बैकुंठपुर द्वारा संबंधित पक्षों के बयान दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के उपरांत तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
साहू समाज के आक्रोश के बाद यह मामला जिलेभर में चर्चा का विषय बना हुआ है। अब सभी की निगाहें पुलिस प्रशासन की जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रशासन इस पूरे मामले को आईटी एक्ट एवं भारतीय न्याय संहिता (BNS) के प्रावधानों के तहत भी परख रहा है, ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से किसी व्यक्ति या परिवार की मानहानि, भ्रामक सूचना प्रसारण अथवा सामाजिक वैमनस्य फैलाने का प्रयास तो नहीं किया गया है। जांच के दौरान संबंधित पोर्टल पर प्रकाशित सभी विवादित पोस्ट, स्क्रीनशॉट, लिंक और तकनीकी साक्ष्य संकलित किए जा रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों ने यह भी संकेत दिए हैं कि यदि जांच में आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए जाते हैं, तो संबंधित व्यक्ति के विरुद्ध कानूनी नोटिस, एफआईआर दर्ज करने अथवा अन्य दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से भी आवश्यक जानकारी और सहयोग लिया जाएगा।
वहीं साहू समाज के पदाधिकारियों का कहना है कि यह मामला केवल एक परिवार की प्रतिष्ठा से जुड़ा नहीं है, बल्कि समाज की सामूहिक छवि और सामाजिक शांति से भी जुड़ा हुआ है। समाज ने स्पष्ट किया है कि यदि निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात शासन-प्रशासन के समक्ष रखेंगे।
जिले में इस घटनाक्रम के बाद सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों को लेकर भी पुलिस सतर्क हो गई है और लोगों से अपुष्ट खबरों को साझा न करने की अपील की गई है। प्रशासन ने कहा है कि जांच पूरी होने तक कोई भी निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
अब पूरे मामले में प्रशासनिक जांच, पुलिस कार्रवाई और सोशल मीडिया की भूमिका को लेकर जिलेभर में चर्चाएं तेज हैं। आने वाले दिनों में जांच के निष्कर्ष से ही यह तय होगा कि आरोप किस हद तक सही हैं और दोषियों पर क्या कार्रवाई होती है।
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