जिला कोरिया। भारतीय खेल प्राधिकरण, भारत सरकार द्वारा आयोजित खेलो इंडिया प्रथम राष्ट्रीय ट्राईबल गेम्स की मेजबानी आदिवासी बहुल राज्य छत्तीसगढ़ को सौंपे जाने से प्रदेश में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिल रही है। इसी क्रम में प्रतियोगिता के प्रचार-प्रसार एवं सफल आयोजन के उद्देश्य से खेल एवं युवा कल्याण विभाग, छत्तीसगढ़ द्वारा शुभंकर ‘मोरवीर’ के साथ भव्य मशाल यात्रा निकाली जा रही है।
मशाल यात्रा मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले से होते हुए कोरिया जिले के अंतर्गत खेलो इंडिया बैडमिंटन अकादमी, इंडोर स्टेडियम, तलवापारा बैकुंठपुर पहुंची। यहां खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं खेल अधिकारियों ने फूल-मालाओं से शुभंकर मोरवीर का जोरदार और उत्साहपूर्ण स्वागत किया।
वर्तमान में चल रही सरगुजा ओलंपिक की तैयारियों के बीच राष्ट्रीय ट्राईबल गेम्स के शुभंकर के आगमन से जिले के युवा खिलाड़ियों में नई ऊर्जा, आत्मविश्वास और प्रतिस्पर्धात्मक जज़्बा देखने को मिला। खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर जिले व प्रदेश का नाम रोशन करने का संकल्प भी दोहराया।
कोरिया जिले में सफल आयोजन एवं स्वागत कार्यक्रम के पश्चात शुभंकर मोरवीर जिला सूरजपुर के लिए रवाना हुआ।इस अवसर पर बड़ी संख्या में युवा खिलाड़ी, प्रशिक्षक, शिक्षक, खेल प्रेमी एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे, जिससे पूरा वातावरण खेल भावना से ओत-प्रोत नजर आया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने खिलाड़ियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ट्राईबल गेम्स आदिवासी युवाओं की खेल प्रतिभा को राष्ट्रीय पहचान दिलाने का सशक्त मंच है। छत्तीसगढ़ जैसे आदिवासी बहुल राज्य में इस प्रतियोगिता का आयोजन होना गर्व की बात है और इससे ग्रामीण व आदिवासी अंचलों के खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।
खिलाड़ियों एवं प्रशिक्षकों ने शुभंकर मोरवीर के साथ फोटो लेकर इस ऐतिहासिक पल को यादगार बनाया। पूरे परिसर में खेलो इंडिया, खेलो छत्तीसगढ़ जैसे नारों से माहौल गूंज उठा। युवा खिलाड़ियों में राष्ट्रीय स्तर पर चयन को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला।
खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा जिले में खेल सुविधाओं के विस्तार, प्रशिक्षण व्यवस्था को मजबूत करने तथा प्रतिभावान खिलाड़ियों को हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता भी दोहराई गई। अधिकारियों ने बताया कि आने वाले समय में जिले में खेल गतिविधियों को और अधिक सशक्त रूप दिया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्र के खिलाड़ी भी राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकें।
शुभंकर मोरवीर के कोरिया आगमन को जिले के खेल इतिहास में एक प्रेरणादायक और गौरवपूर्ण क्षण बताते हुए कार्यक्रम का समापन किया गया।
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