जैव-उत्प्रेरक विक्रय पर कृषि विभाग सख्त, नियमों के उल्लंघन पर कृषि सेवा केंद्र को नोटिस, 08 लीटर स्टॉक पर तत्काल रोक


जिला कोरिया/एमसीबी।राज्य में किसानों को गुणवत्तायुक्त कृषि आदान उपलब्ध कराने एवं अवैध एवं अपंजीकृत जैव-उत्प्रेरकों की बिक्री पर रोक लगाने के उद्देश्य से कृषि विभाग द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में संचालनालय कृषि, छत्तीसगढ़ रायपुर द्वारा जैव-उत्प्रेरक बायो-स्टिमुलेंट के संबंध में जारी दिशा-निर्देशों के अनुपालन में उप संचालक कृषि, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के आदेशानुसार शुक्रवार को मनेंद्रगढ़ नगर में एक कृषि सेवा केंद्र में जांच कार्यवाही की गई।
जिला स्तरीय उर्वरक निरीक्षक एवं नोडल अधिकारी श्री महेश पैंकरा सहायक भूमि संरक्षण अधिकारी, मनेंद्रगढ़ तथा उर्वरक निरीक्षक एवं सहायक नोडल अधिकारी श्री जितेन्द्र झा (कृषि विकास अधिकारी) द्वारा संयुक्त रूप से मनेंद्रगढ़ स्थित मेसर्स राधिका कृषि सेवा केंद्र, प्रोपराइटर श्रीमती राधिका सिंह के प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया।

निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में उपलब्ध जैव-उत्प्रेरक बायो- स्टिमुलेंट उत्पादों की जांच की गई, जिसमें यह पाया गया कि जैव-उत्प्रेरकों का विवरण अनिवार्य प्रारूप ए 2 में दर्ज नहीं किया गया था। यह उर्वरक (नियंत्रण) आदेश 1985 तथा संचालनालय कृषि द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का स्पष्ट उल्लंघन है।

जांच में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित विक्रेता को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए 03 दिवस के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके साथ ही प्रतिष्ठान में उपलब्ध 08 लीटर जैव-उत्प्रेरक स्टॉक को तत्काल प्रभाव से विक्रय से प्रतिबंधित कर दिया गया है, ताकि किसानों को किसी प्रकार की भ्रामक अथवा अप्रमाणित सामग्री का उपयोग न करना पड़े।

कृषि विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य शासन द्वारा केवल अधिकृत, पंजीकृत एवं अनुमोदित जैव-उत्प्रेरकों के विक्रय की ही अनुमति प्रदान की गई है। बिना पंजीयन अथवा नियमों का उल्लंघन कर विक्रय करने वाले विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। विभाग का उद्देश्य किसानों के हितों की रक्षा करना एवं कृषि उत्पादन में गुणवत्ता सुनिश्चित करना है।

उप संचालक कृषि ने बताया कि जिले में आगे भी कृषि सेवा केंद्रों, उर्वरक एवं जैव-उत्प्रेरक विक्रेताओं के विरुद्ध सघन जांच अभियान जारी रहेगा। नियमों का पालन न करने वाले विक्रेताओं के लाइसेंस निलंबन अथवा निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

कृषि विभाग ने किसानों से अपील की है कि वे केवल पंजीकृत एवं प्रमाणित उत्पाद ही क्रय करें तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी तत्काल विभाग को दें, ताकि समय रहते उचित कार्रवाई की जा सके।

उप संचालक कृषि
जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी)

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ