जिला कोरिया। छत्तीसगढ़ की धरती अपने वीर सपूतों और बलिदान की गौरवगाथाओं के लिए जानी जाती है। इन्हीं अमर वीरों में से एक हैं शहीद वीर नारायण सिंह, जिनके शौर्य, त्याग और बलिदान ने ब्रिटिश शासन के विरुद्ध संघर्ष को नई दिशा दी। उनकी पुण्यतिथि के अवसर पर आज 10 दिसंबर 2025 को कोरिया पुलिस द्वारा उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया गया।
पुलिस अधीक्षक कार्यालय परिसर में आयोजित इस गरिमामयी कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक श्री रवि कुर्रे (भा.पु.से.) ने वीर नारायण सिंह के छायाचित्र पर माल्यार्पण कर भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित की। एसपी श्री कुर्रे ने कहा कि वीर नारायण सिंह भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के शुरुआती और साहसी योद्धाओं में से एक थे। उन्होंने न केवल अंग्रेजी शासन का विरोध किया, बल्कि अत्याचारों के खिलाफ जनता को एकजुट कर न्याय के लिए संघर्ष किया। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
अधिकारी-कर्मचारियों ने भी दी श्रद्धांजलि
इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल, उप पुलिस अधीक्षक श्याम मधुकर सहित पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी और कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने एक-एक कर शहीद के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और दो मिनट मौन रखकर उनके बलिदान को नमन किया।
अधिकारियों ने कहा कि शहीद वीर नारायण सिंह ने भूख, शोषण और औपनिवेशिक अत्याचार के खिलाफ आवाज उठाकर जन-जन को एकजुट किया। उनकी शहादत केवल छत्तीसगढ़ की नहीं, बल्कि पूरे भारत की शान है। ऐसे वीरों की याद राष्ट्र की एकता और अखंडता को मजबूत करती है।
वीर नारायण सिंह का ऐतिहासिक योगदान—कार्यक्रम में हुआ उल्लेख
कार्यक्रम के दौरान पुलिस अधिकारियों ने उनके जीवन पर भी प्रकाश डाला। बताया गया कि वे सोनाखान के ज़मींदार होने के बावजूद गरीब किसानों के पक्ष में खड़े हुए। अंग्रेजों द्वारा अनाज जब्त करने और जनता को भूखा रखने की नीतियों के खिलाफ उन्होंने विद्रोह का सूत्रपात किया। यही संघर्ष आगे चलकर उन्हें क्रांतिकारियों की श्रेणी में स्थापित कर गया।
उनके साहसिक प्रतिरोध को अंग्रेजी हुकूमत ने विद्रोह करार दिया और उन्हें फांसी दी गई, लेकिन उनका नाम छत्तीसगढ़ के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित हो गया। आज भी लोग उन्हें ‘छत्तीसगढ़ का पहला क्रांतिकारी शहीद’ के रूप में याद करते हैं।
राष्ट्रीय चेतना और प्रेरणा का प्रतीक
कोरिया पुलिस द्वारा आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम केवल औपचारिकता नहीं था, बल्कि स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति देश की कृतज्ञता और सम्मान का प्रतीक था। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि देश की सुरक्षा में लगे जवानों को वीर नारायण सिंह जैसे महापुरुषों से प्रेरणा मिलती है, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी अपने आदर्शों से समझौता नहीं किया।
कार्यक्रम में उपस्थित कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि वे अपने कर्तव्यों का पालन निष्ठा, सत्यनिष्ठा और समर्पण के साथ करेंगे तथा स्वतंत्रता सेनानियों की विरासत को सदैव जीवित रखेंगे।
कोरिया पुलिस की पहल सराहनीय
स्वतंत्रता आंदोलन के महान नायकों की स्मृति को जीवित रखने के लिए कोरिया पुलिस द्वारा किया गया यह आयोजन अत्यंत प्रेरणादायी रहा। यह कार्यक्रम नई पीढ़ी को राष्ट्र के उन अनछुए, लेकिन अत्यंत महत्वपूर्ण अध्यायों से जोड़ता है, जिनकी वजह से हम आज स्वतंत्र भारत में सांस ले रहे हैं।
शहीद वीर नारायण सिंह की पुण्यतिथि पर दी गई यह श्रद्धांजलि उनके अमर योगदान का सम्मान है और देश की आज़ादी के प्रति हमारी सामूहिक कृतज्ञता का प्रतीक भी।
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