चरचा। सामाजिक स्वास्थ्य हेतु समर्पण की भावना के साथ एसईसीएल बैकुंठपुर क्षेत्र के सौजन्य से स्थानीय साकेत सदन भवन में वर्ष 2025 के अंतर्गत कैंसर जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का मुख्य उद्देश्य कैंसर जैसी गंभीर बीमारी के प्रति आमजन को जागरूक करना तथा समय पर जांच एवं उपचार के महत्व को समझाना रहा।
कार्यक्रम के अतिथि सेवानिवृत्त डॉ चन्द्रकात नाग, डॉ मनिषा नाग, डॉ अनन्त एम केरके, मिनाक्षी केरके व महाप्रबंधक बीएन झा मोजूद रहे।
इस दौरान अतिथियों का पुष्प गुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया, साथ महाप्रबंधक द्वारा चिकित्सकों को मेमेन्टो देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि कैंसर कोई लाइलाज बीमारी नहीं है, यदि इसकी पहचान प्रारंभिक अवस्था में हो जाए तो इसका सफल उपचार संभव है। उन्होंने तंबाकू, गुटखा, सिगरेट, शराब जैसे नशे से दूर रहने, संतुलित आहार लेने और नियमित स्वास्थ्य जांच कराने पर विशेष जोर दिया। महिलाओं में स्तन कैंसर एवं सर्वाइकल कैंसर तथा पुरुषों में मुख एवं फेफड़ों के कैंसर के लक्षणों पर विस्तार से जानकारी दी गई।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्य महाप्रबंधक बी.एन. झा ने कहा कि संपूर्ण विश्व में कैंसर जैसी बीमारी का तेजी से बढ़ता प्रसार अत्यंत चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि️ कि बैकुंठपुर क्षेत्र अपने कर्मचारियों, उनके परिजनों एवं क्षेत्रवासियों के बेहतर स्वास्थ्य संरक्षण के लिए निरंतर प्रतिबद्ध है। भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिससे खदान क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों के लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं सही जानकारी का लाभ मिल सके।
शिविर के दौरान चिकित्सकों ने तंबाकू, गुटखा, धूम्रपान एवं नशे से दूर रहने, संतुलित आहार अपनाने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। साथ ही महिलाओं एवं पुरुषों में होने वाले विभिन्न प्रकार के कैंसर के प्रारंभिक लक्षणों पर भी प्रकाश डाला गया।
कार्यक्रम का कुशल मंच संचालन पुरुषोत्तम विश्वकर्मा द्वारा किया गया। शिविर के सफल आयोजन में उप कार्मिक प्रबंधक, बैकुंठपुर विकास शंकर ओझा, उप कार्मिक प्रबंधक, चरचा ददन राम, श्रम संघ प्रतिनिधिजितेंद्र श्रीवास्तव, श्रम संघ महिला नेत्री अमृता सिंह, सुमन एक्का, सुनील बरला तथा शंभू मोदनवाल व प्रभारी सुरक्षा अधिकारी चरचा की विशेष भूमिका रही।
कार्यक्रम के अंत में आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी इस प्रकार के स्वास्थ्य जागरूकता शिविर आयोजित किए जाएंगे, ताकि खदान क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं एवं जानकारी का लाभ मिल सके। कार्यक्रम को सफल बनाने में एसईसीएल प्रबंधन, चिकित्सकों एवं कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
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