जिला कोरिया। कोरिया जिले में ग्रामीण महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) ‘बिहान’ एक प्रभावी और अभिनव पहल साबित हो रही है। कभी परिवार तक सीमित रहने वाली महिलाएं आज स्व-सहायता समूहों से जुड़कर स्वरोजगार की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही हैं। आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ अब वे परिवार की निर्णय प्रक्रिया में भी अहम भूमिका निभा रही हैं। ऐसी ही प्रेरक कहानी है विकासखंड बैकुंठपुर की गीता सिंह दीदी की, जिन्होंने ‘बिहान’ से जुड़कर अपने सपनों को साकार किया और आज ‘लखपति दीदी’ की श्रेणी में शामिल हो चुकी हैं।
पूर्व की स्थिति
विकासखंड बैकुंठपुर के ग्राम पंचायत रटगा की गीता सिंह दीदी ‘बिहान’ से जुड़ने से पहले एक गृहिणी थीं। उनके परिवार की आजीविका मुख्यतः कृषि पर निर्भर थी, लेकिन कृषि से होने वाली आय परिवार के भरण-पोषण और बच्चों की उच्च शिक्षा के लिए पर्याप्त नहीं थी। सीमित आय के कारण परिवार को कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता था।
बिहान से जुड़ाव
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ के उद्देश्यों से प्रभावित होकर वर्ष 2018 में गीता दीदी ने आसपास की महिलाओं को साथ लेकर जय मां लक्ष्मी महिला स्व-सहायता समूह का गठन किया। समूह से जुड़कर उन्होंने नियमित बचत शुरू की और अन्य महिलाओं को भी समूह से जोड़ने में सक्रिय भूमिका निभाई। उनकी नेतृत्व क्षमता और निरंतर सक्रियता को देखते हुए उन्हें समूह अध्यक्ष चुना गया। आगे चलकर उनके कार्यों से प्रभावित होकर सितंबर 2025 में उन्हें देशभक्ति महिला संकुल संगठन, नगर में कैडर के रूप में चयनित किया गया।
आर्थिक मदद से तरक्की की राह
परिवार की आय बढ़ाने के उद्देश्य से गीता दीदी ने दिसंबर 2024 में एसवीईपी के अंतर्गत 50 हजार रुपये का सीईएफ ऋण लेकर मनिहारी की दुकान शुरू की, जिससे उन्हें प्रतिमाह 10 से 15 हजार रुपये की
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