जिला कोरिया। देश की सुरक्षा में अपना सर्वस्व अर्पित करने वाले सैनिकों के त्याग, समर्पण और वीरता को सलाम करने हेतु सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के अवसर पर आज कलेक्ट्रेट सभागृह बैकुंठपुर में सादगीपूर्ण एवं गरिमामय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सेना के शूरवीर जवानों, भूतपूर्व सैनिकों तथा वीर नारियों का सम्मान किया गया और देश की रक्षा के प्रति उनके योगदान के लिए कृतज्ञता व्यक्त की गई।
मुख्य अतिथि कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा हम सभी नागरिक आज सुरक्षित जीवन जी पा रहे हैं तो इसका श्रेय हमारे सेना और सुरक्षा बलों के जांबाज़ जवानों को जाता है। उनका त्याग केवल उनका अपना नहीं, बल्कि पूरे परिवार का त्याग होता है। कड़ाके की ठंड, बारिश या भीषण गर्मी वे हर परिस्थिति में राष्ट्र की सेवा के लिए तत्पर रहते हैं।
उन्होंने कहा कि सैनिकों का समर्पण केवल सीमाओं की सुरक्षा ही नहीं करता, बल्कि नागरिकों के जीवन, भविष्य और स्वतंत्रता की रक्षा भी सुनिश्चित करता है। उन्होंने सैनिकों और उनके परिवारों के प्रति समाजिक संवेदनशीलता और सहयोग की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
सम्मान एवं लेपल पिन समारोह
कार्यक्रम में लेफ्टिनेन्ट कर्नल जितेन्द्र कुमार देवांगन (से.नि.), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी द्वारा कलेक्टर श्रीमती चन्दन त्रिपाठी, अपर कलेक्टर श्री सुरेन्द्र प्रसाद वैद्य, डिप्टी कलेक्टर श्री डी.डी. मंडावी, अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण, क्षेत्र के प्रसिद्ध सैन्य-गाथा कवि श्री जी.पी. नेमा, सुबेदार सुनील कुमार सिंह, भूतपूर्व सैनिकों एवं वीर नारियों को लेपल पिन लगाकर सम्मानपूर्वक स्वागत किया गया।
इसके पश्चात जिला सैनिक कल्याण कार्यालय की ओर से उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों, पूर्व सैनिकों, शहीद परिवारों की विधवाओं, सेवारत सैनिकों एवं उनके आश्रितों को ध्वज लगाकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम को मिला नागरिकों का भरपूर समर्थन
सशस्त्र सेना झण्डा दिवस के इस अवसर पर बड़ी संख्या में नागरिकों की सहभागिता कार्यक्रम की विशेषता रही। लोगों ने सैनिकों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हुए ध्वज खरीदकर अपनी श्रद्धा व समर्थन दिखाया।
सभी अतिथियों ने एक स्वर में कहा कि सैनिकों का साहस और अनुशासन राष्ट्र की शान है। शहीदों का बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता, सैनिकों और उनके परिवारों की सुरक्षा और सम्मान समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।कार्यक्रम देशभक्ति, संवेदनशीलता और सम्मान की भावना से ओतप्रोत रहा।
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