प्रशिक्षण लेकर आपकी कार्यकुशलता से आवास निर्माण में आएगी तेजी सीईओ डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, मनरेगा अंतर्गत 60 दिन से अधिक अकुशल श्रम करने वाले श्रमिकों का ‘रूरल मेसन प्रशिक्षण’ प्रारंभ



जिला कोरिया। ग्रामीण विकास एवं आजीविका संवर्धन की दिशा में आज जिले के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। प्रधानमंत्री आवास निर्माण कार्यों को तेजी देने तथा राजमिस्त्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने के उद्देश्य से रूरल मेसन ट्रेनिंग का नया सत्र आज से आरंभ हुआ। राज्य शासन के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ जिला पंचायत कोरिया के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी ने आरसेटी पहुंचकर किया।

डॉ. चतुर्वेदी ने प्रशिक्षणार्थियों से संवाद कर उनका उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण न केवल श्रमिकों की दक्षता को बढ़ाने वाला है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्रधानमंत्री आवास निर्माण की गुणवत्ता और गति दोनों बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।
मनरेगा श्रमिक लंबे समय से मेहनत कर रहे हैं। अब इस अनुभव में कौशल का मूल्य जुड़ रहा है। प्रशिक्षण के बाद आप सभी न केवल अपने परिवार को बेहतर आय दे सकेंगे, बल्कि गांवों में विकास कार्यों की गति भी बढ़ेगी। डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, सीईओ जिला पंचायत कोरिया

 प्रोजेक्ट “उन्नति” के तहत कौशल विकास

मनरेगा के तहत 60 दिन से अधिक अकुशल श्रम करने वाले श्रमिकों को अब केवल श्रम तक सीमित न रखते हुए कौशल प्रशिक्षण प्रदान कर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। इसी पहल के अंतर्गत प्रोजेक्ट “उन्नति” के तहत 35 चयनित श्रमिकों को एक माह का निःशुल्क राजमिस्त्री (मेसन) प्रशिक्षण आरसेटी में दिया जा रहा है।

प्रशिक्षण में ईंट एवं पत्थर चिनाई, प्लास्टरिंग एवं लेवलिंग, सीमेंट मिश्रण तकनीक, सुरक्षित कार्य पद्धति, कार्यस्थल प्रबंधन जैसी व्यावहारिक एवं तकनीकी विधियाँ सिखाई जाएँगी।

 सोनहत ब्लॉक के 35 युवाओं का चयन

इस प्रशिक्षण बैच में जनपद पंचायत सोनहत के तीन ग्राम पंचायतों से श्रमिक शामिल हैं ग्राम पंचायत चयनित श्रमिक मधौरा 16, लटमा 15, कटगोड़ी 4 प्रशिक्षण पूरा होने के बाद ये युवा प्रधानमंत्री आवास समेत विभिन्न निर्माण कार्यों में दक्षता के साथ राजमिस्त्री के रूप में योगदान दे सकेंगे, जिससे उन्हें नियमित रोजगार एवं बेहतर आमदनी के अवसर प्राप्त होंगे।

आपके कौशल से तेजी और गुणवत्ता दोनों आएगी सीईओ

प्रशिक्षण प्रारंभ समारोह में संबोधित करते हुए सीईओ डॉ. चतुर्वेदी ने कहा श्रमिकों की मेहनत और अनुभव को अब तकनीकी विशेषज्ञता से जोड़ा जा रहा है। कौशल सीखकर श्रमिक रोजगार के अधिक अवसर प्राप्त कर सकेंगे। उम्मीद है सभी प्रशिक्षणार्थी मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त कर अपने कौशल को गांव व विकास कार्यों की प्रगति में योगदान देंगे।


उन्होंने प्रशिक्षकों को भी निर्देशित किया कि प्रशिक्षण सैद्धांतिक के साथ व्यावहारिक रूप से अधिक प्रभावी रखा जाए तथा प्रतिभागियों की प्रगति का व्यक्तिगत रूप से मूल्यांकन किया जाए।

कौशल सशक्तिकरण से रोजगार व विकास दोनों को लाभ

जिला प्रशासन के अनुसार इस पहल से दोहरी उपलब्धियां प्राप्त होंगी ग्रामीण श्रमिकों का कौशल व आय में वृद्धी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एवं गति में सुधार

आवास निर्माण को लेकर जिले की गति में पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक बढ़ोतरी की उम्मीद जताई जा रही है।

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ