जिला कोरिया। सुशासन सप्ताह के अंतर्गत प्रशासन गांव की ओर अभियान के तहत जनपद पंचायत सोनहत की ग्राम पंचायत घुघरा में गुरुवार को भव्य जन-जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। घुघरा नर्सरी परिसर के समीप आयोजित इस शिविर में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के अंतर्गत रिज टू वैली अवधारणा पर आधारित जल संरक्षण संरचनाओं का सजीव और प्रभावशाली मॉडल प्रदर्शित किया गया, जिसने उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों एवं ग्रामीणों का विशेष ध्यान आकर्षित किया।
जीवंत मॉडल के माध्यम से जल संरक्षण का संदेश
‘जल है तो कल है’ थीम पर निर्मित इस मॉडल में यह स्पष्ट रूप से दर्शाया गया कि यदि जल संरक्षण के प्रति समय रहते सजगता नहीं बरती गई तो गांवों को गंभीर जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। वहीं दूसरी ओर, वर्षा जल संचयन, तालाब, मेढ़-बंदी, स्टॉपडैम एवं अन्य संरचनाओं के माध्यम से जल संरक्षण को अपनाने से गांव किस प्रकार जल-संपन्न, हरित और आत्मनिर्भर बन सकते हैं, इसका सशक्त प्रदर्शन किया गया।
मॉडल के माध्यम से जलविहीन गांव और जागरूक नागरिकों द्वारा संरक्षित जलयुक्त गांव की तुलना प्रस्तुत कर आमजन को जल संरक्षण के महत्व से अवगत कराया गया, जिसे सभी ने अत्यंत सराहनीय और प्रेरणादायक बताया।
जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने की सराहना
शिविर में क्षेत्र की विधायक श्रीमती रेणुका सिंह, कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. आशुतोष चतुर्वेदी, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री मोहित पैकरा, उपाध्यक्ष श्रीमती वंदना राजवाड़े सहित अन्य जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे।
अतिथियों ने मनरेगा के माध्यम से जल संरक्षण संरचनाओं के निर्माण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए अधिक से अधिक सहभागिता की अपील की।
जल संरक्षण को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान
कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को जल संरक्षण के स्थायी उपाय अपनाने, वर्षा जल का अधिकतम उपयोग करने एवं आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संसाधनों को सुरक्षित रखने का संकल्प दिलाया गया। प्रशासन द्वारा यह संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल योजना नहीं, बल्कि सामूहिक जिम्मेदारी है, जिसे जनभागीदारी से ही सफल बनाया जा सकता है।
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