नशा मुक्त समाज की दिशा में प्रशासन सख्त, नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई जरूरी कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी, नववर्ष पर सादगी, संयम और सुरक्षा का संदेश, नशे से दूरी व तेज रफ्तार पर रोक की अपील, अवैध शराब, गांजा व नशीली दवाओं के विरुद्ध पुलिस आबकारी स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त मुहिम तेज



जिला कोरिया। जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए नशा मुक्त भारत अभियान एवं नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस एनडीपीएस अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने की। बैठक में पुलिस, आबकारी, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में कलेक्टर ने जिले में गांजा, अफीम, स्मैक सहित अन्य मादक पदार्थों की अवैध तस्करी, भंडारण एवं बिक्री पर की जा रही कार्रवाई की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिले के किसी भी कोने में नशीले पदार्थों की अवैध गतिविधियों को किसी भी कीमत पर पनपने न दिया जाए। इसके लिए संवेदनशील एवं संदिग्ध क्षेत्रों की पहचान कर संयुक्त टीमों के माध्यम से नियमित एवं आकस्मिक जांच अभियान चलाया जाए।

कलेक्टर श्रीमती त्रिपाठी ने मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की अवैध बिक्री को गंभीरता से लेते हुए कहा कि बिना वैध पर्ची के दवाइयों की बिक्री पर सख्त कार्रवाई की जाए। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि सभी मेडिकल दुकानों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित किया जाए तथा नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन एवं निरस्तीकरण जैसी कठोर कार्रवाई से पीछे न हटें।

उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल, कॉलेज, छात्रावास, कोचिंग संस्थान एवं अन्य शैक्षणिक परिसरों के आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री या सेवन की किसी भी गतिविधि को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इन क्षेत्रों को नशा मुक्त क्षेत्र के रूप में चिह्नित करते हुए विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

नववर्ष को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश देते हुए कलेक्टर ने कहा कि नए साल के दौरान शराब सेवन कर तेज एवं लापरवाही से वाहन चलाने की घटनाएँ सामने आती हैं, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में वृद्धि होती है। उन्होंने यातायात पुलिस को सघन चेकिंग अभियान चलाने, नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्त कानूनी कार्रवाई करने तथा प्रमुख मार्गों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए।

कलेक्टर ने आबकारी एवं पुलिस विभाग को निर्देशित किया कि अवैध शराब, गांजा अथवा अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री की सूचना मिलने पर तत्काल कार्रवाई की जाए। साथ ही, अंतरराज्यीय एवं अंतरजिला सीमाओं पर सघन निगरानी रखते हुए तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण किया जाए।

नशा मुक्ति को सामाजिक आंदोलन बनाने पर जोर देते हुए कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने कहा कि केवल सरकारी प्रयासों से ही नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सक्रिय सहभागिता से ही नशा मुक्त समाज का निर्माण संभव है।

 उन्होंने जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, शिक्षण संस्थानों एवं मीडिया से नशे के विरुद्ध निरंतर जनजागरूकता अभियान चलाने की अपील की।

उन्होंने कहा कि नशा न केवल व्यक्ति के स्वास्थ्य को नुकसान पहुँचाता है, बल्कि परिवार, समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में भी बाधक है। युवा पीढ़ी को नशे से बचाना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम, परामर्श सत्र एवं नशा मुक्ति गतिविधियों का आयोजन नियमित रूप से किया जाए।

बैठक के अंत में कलेक्टर श्रीमती चंदन त्रिपाठी ने जिले के समस्त नागरिकों से अपील की कि वे नववर्ष का स्वागत सादगी, अनुशासन एवं जिम्मेदारी के साथ करें। नशे का सेवन न करें, तेज एवं लापरवाही से वाहन न चलाएं तथा प्रशासन के प्रयासों में सहभागी बनकर जिले को नशा मुक्त बनाने में सहयोग करें।

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