डिजिटल सुविधा से बदल रहा ग्रामीण तंत्र अटल डिजिटल सुविधा केंद्र बने सरल समाधान का ठिकाना आवास हितग्राही से लेकर आम नागरिक तक पा रहे लाभ




जिला कोरिया। ग्रामीण भारत में डिजिटल परिवर्तन की नई तस्वीर अब ग्राम पंचायतों तक साफ दिखाई देने लगी है। कोरिया जिले की पंचायतों में स्थापित अटल डिजिटल सुविधा केंद्र ग्रामीण जनता के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। जहां पहले नागरिकों को छोटी-छोटी सेवाओं के लिए शहर, बैंक या जनपद मुख्यालय की दौड़ लगानी पड़ती थी, वहीं अब उनकी अधिकांश आवश्यकताएँ गांव में ही पूरी हो रही हैं। इससे ग्रामीण जीवन में न केवल सुगमता बढ़ी है, बल्कि पारदर्शिता और गति भी आई है।

गांव में ही मिल रही सभी आवश्यक डिजिटल सेवाएं
अटल डिजिटल सुविधा केंद्र प्रशासन और जनता के बीच एक मजबूत सेतु बनते जा रहे हैं। इन केंद्रों पर दस्तावेज़ों की सहज उपलब्धता, योजनाओं का पंजीयन, बैंकिंग सेवाओं का संचालन, सरकारी सब्सिडी और योजनाओं की राशि का आहरण जैसी महत्वपूर्ण सेवाएं तुरंत उपलब्ध हैं। विशेष रूप से आवास योजनाओं के हितग्राही, जिन्हें पहले बैंक में लंबी कतारों में लगना पड़ता था, अब सीधे गांव में ही राशि आहरण कर पा रहे हैं। इससे समय, खर्च और परेशानी में भारी कमी आई है। ग्रामीणों का कहना है कि अब सेवा गांव में समाधान गांव में की भावना सच होती दिख रही है।


क्या है अटल डिजिटल सुविधा केंद्र?

पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग द्वारा ग्राम पंचायतों में स्थापित ये केंद्र, ग्रामीणों को डिजिटल इंडिया अभियान से जोड़ने की एक महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ग्राम पंचायत और कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) के बीच हुए समझौते के तहत ग्राम स्तरीय उद्यमी (VLE) इन केंद्रों का संचालन करते हैं।
पंचायत भवन, बिजली, इंटरनेट और अन्य संसाधन ग्राम पंचायत उपलब्ध कराती है, जबकि VLE सीएससी के मानकों के अनुसार सेवाएं प्रदान करते हैं।


कोरिया जिले में 64 केंद्र सक्रिय ग्रामीणों को बड़ी राहत

जिले में तीन चरणों में कुल 64 अटल डिजिटल सुविधा केंद्र संचालित हैं इसमें 37 केंद्र जनपद पंचायत बैकुंठपुर व 27 केंद्र जनपद पंचायत सोनहत में दि गई है।

इन केंद्रों की पहुंच बढ़ने से हजारों ग्रामीणों को लाभ मिल रहा है। कई पंचायतों में ये केंद्र अब गांव की सबसे सक्रिय सार्वजनिक सेवा इकाई बन गए हैं, जहां रोजाना बड़ी संख्या में लोग अपनी आवश्यक सेवाओं के लिए आते हैं।

कौन-कौन सी सेवाएं मिल रही हैं?

अटल डिजिटल सुविधा केंद्र 25 से अधिक सेवाएं प्रदान कर रहे हैं, जिनमें डीजी पेमेंट एवं कियोस्क बैंकिंग, आधार आधारित नकद जमा व आहरण, पैन कार्ड सेवा, आय निवास और जाति प्रमाण पत्र, ई-बैंकिंग सेवाएं, पीएम किसान पोर्टल सेवाएं, आयुष्मान कार्ड, ई-श्रम कार्ड पंजीयन, मोबाइल, टीवी व अन्य रीचार्ज, खसरा, बी-1 एवं अन्य राजस्व दस्तावेज, फसल बीमा एवं फार्मर रजिस्ट्रेशन, वीएलई द्वारा परीक्षा उत्तीर्ण कर बीमा सेवाओं का संचालन, सरकारी योजनाओं की राशि का भुगतान व अपडेट इन सेवाओं ने ग्रामीणों को डिजिटल रूप से सशक्त बनाया है और सरकारी योजनाओं का लाभ सीधा और सरल तरीके से उन तक पहुंच रहा है।

डिजिटल क्रांति का ग्रामीण मॉडल—बदल रहा जीवनस्तर

इन केंद्रों ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति दी है। गांव में ही बैंकिंग और डिजिटल भुगतान सुविधाएं उपलब्ध होने से आर्थिक लेनदेन अधिक सुरक्षित व पारदर्शी हुआ है।
ग्रामीण अब डिजिटल भुगतान अपनाने लगे हैं, जिससे कैश पर निर्भरता कम हुई है। इससे गांवों में वित्तीय समावेशन भी मजबूत हुआ है।

निष्कर्ष

अटल डिजिटल सुविधा केंद्रों ने यह सिद्ध कर दिया है कि यदि व्यवस्था और तकनीक सही दिशा में मिलकर काम करें, तो ग्रामीण भारत भी डिजिटल इंडिया का मजबूत आधार बन सकता है। कोरिया जिले की पंचायतों में यह पहल प्रशासन की दूरदर्शिता और ग्रामीण जनता की भागीदारी का उत्कृष्ट उदाहरण बनकर उभरी है।

इन केंद्रों ने न केवल सेवाओं को आसान बनाया है, बल्कि ग्रामीण जीवन में एक नए आत्मविश्वास और सशक्तिकरण की भावना भी पैदा की है।

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