जिला कोरिया। धान उपार्जन के दौरान किसानों को आ रही विभिन्न समस्याओं के समाधान के उद्देश्य से पटना समिति परिसर में एक विशेष समाधान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बड़ी संख्या में पटना तहसील क्षेत्र के किसान शामिल हुए, जिन्होंने धान विक्रय से संबंधित अपनी समस्याएं अधिकारियों के समक्ष रखीं। प्रशासन द्वारा किसानों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मौके पर ही समाधान किया गया, जिससे किसानों में संतोष का माहौल देखने को मिला।
शिविर का आयोजन किसानों को धान उपार्जन प्रक्रिया में पारदर्शिता एवं सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से किया गया। इस दौरान किसानों को पंजीयन, टोकन, तौल, भुगतान, खाता अपडेट, भूमि रिकॉर्ड में त्रुटि, नामांतरण, खसरा-खतौनी, आधार लिंकिंग एवं अन्य दस्तावेजी समस्याओं से संबंधित कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। शिविर में मौजूद अधिकारियों ने एक-एक कर किसानों की समस्याएं सुनीं और संबंधित विभागों के माध्यम से त्वरित निराकरण सुनिश्चित किया।
इस अवसर पर पटना तहसीलदार स्वयं शिविर स्थल पर उपस्थित रहे। उनके साथ राजस्व विभाग के समस्त आरआई, पटवारी तथा खाद्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने आपसी समन्वय के साथ किसानों की समस्याओं का समाधान किया तथा जिन मामलों में तत्काल समाधान संभव नहीं था, उन प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकरण हेतु चिन्हित किया गया।
शिविर के दौरान अधिकारियों ने किसानों को शासन द्वारा निर्धारित धान उपार्जन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी भी प्रदान की। किसानों को बताया गया कि धान विक्रय के लिए कौन-कौन से दस्तावेज आवश्यक हैं, पंजीयन में किन बातों का विशेष ध्यान रखा जाए तथा भुगतान प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की समस्या होने पर संबंधित विभाग से कैसे संपर्क किया जाए। साथ ही किसानों को यह भी समझाया गया कि भूमि रिकॉर्ड एवं बैंक खाते से जुड़ी जानकारी समय पर अपडेट रखना आवश्यक है, जिससे भविष्य में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
शिविर में उपस्थित किसानों ने प्रशासन द्वारा की गई इस पहल की सराहना की। किसानों का कहना था कि लंबे समय से चली आ रही समस्याओं का समाधान एक ही स्थान पर हो जाने से उन्हें काफी राहत मिली है और बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से निजात मिली है। किसानों ने उम्मीद जताई कि आगे भी इस प्रकार के समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि शासन की मंशा के अनुरूप किसानों को धान उपार्जन में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। भविष्य में भी आवश्यकता अनुसार ऐसे समाधान शिविरों का आयोजन किया जाएगा, ताकि धान उपार्जन कार्य सुचारु, पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पूर्ण किया जा सके।
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